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Ishwar ko kisne banaya hoga

ईश्वर को किसने बनाया होगा ?

Who would have created God?



हम सब को ईश्वर ने बनाया तो ईश्वर को किसने बनाया। जी हां दोस्तों आप ने सही पढ़ा हम सब के मन में अक्सर हमेशा एक बात हम से पुछती रहती है आखिर ऐ पुरी  ब्रह्मांड को किसने बनाया पुरी दुनिया को किसने बनाया पेड़ पौधे को किसने बनाया  जिव  जन्तु को किसने बनाया हमारे ग्रह को किसने बनाया हमारे ग्रह जैसे लाखों करोड़ों अरबों ग्रह को किसने बनाया। हम सब के जहेन में बहोत से सवाल घुमती रहती है। इन सभी सवालों का जवाब मैं देने वाला हु। अब सुरू करते हैं।आप किसी एक ज्ञानी पुरुष   के पास जाके पुछे की ईश्वर को किसने बनाया तो उसका जवाब होगा ईश्वर को न तो बनाया जा सकता है।नहीं मिटाया जा सकता है। ईश्वर हमेशा से थे और हमेशा रहेंगे और ऐ हर रूप में आते हैं।और हर जगह हर समय उपस्थित रहते हैं।ऐ तो बात रही ज्ञानी पुरुष  की अब हम किसी साइंटिस्ट के पास जाते हैं और पुछते है की 
ब्रह्मांड कैसे बना तो उसका जवाब होगा उर्जा से न तो उर्जा को बनाया जा सकता है न नष्ट किया जा सकता है  उर्जा हमेशा से था और हमेशा रहेगा और ऐ हर जगह मौजूद हैं। सिर्फ वड अलग-अलग हैं पर सब्द एक जैसे हैं। अब हम अलग अलग धार्मिक पुरुष
से ऐही सवाल पुछते है। हिंदू पुरुष से हम सब को किसने बनाया तो उसका जवाब होगा भगवान ने भगवान कौन है भगवान ओ है जो अजन्मा है जो निराकार जो अंन्त है जिसका कोई अंत नहीं ओ है भगवान। अब सवाल मुस्लिम मोलवी से इंसान को किसने बनाया मोलवी का जवाब अल्ला ने अल्ला कौन है।अल्ला ओ है जो तुम में है जो मुझ में है जो हम सभी में है जो पुरी कायनात में है। अब सवाल सिखों के गुरू  से हम सारे बंदे को किसने बनाया तो उसका जवाब होगा वाहेगुरु जी ने वाहेगुरु जी कौन है। वाहेगुरु जी ओ है जो हम सब को ज्ञान दिया हम सब को जीने की न्या उपदेश  दिया जो सब वंदे की सेवा करने की उपदेश दिया जो सब वंदे को मदद करने की उपदेश दिया जो आज भी सभी सिख्खों को पुरी दुनिया में मान सम्मान जिनके वजह से मिलते हैं। अब बारी है ईसाईओ का मार्ग दर्शन गूरू फादर से सवाल यीशु कौन है यीसु ओ है जो हम सब की गलियों को माफ कर देते हैं यीशु ओ है जो हम सब को दुसरे के लिए दुआ मांगने की प्ररेणा देते हैं यीशु ओ है     जो कभी किसी को बेसहारा नहीं छोड़ते जो दया सागर भी है।
अब तो आप को पता चल गया होगा कि ईश्वर कोन है ईश्वर की क्या महन्ता है ईश्वर की क्या महिमा है। अगर आप को हमारी पोस्ट अच्छा लगे तो दुसरो के साथ सयर करे। धन्यवाद

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ईश्वर से प्रेम कैसे करें ?

 How to love God ईश्वर से प्रेम कैसे करें ?


ईश्वर से प्रेम कैसे करें

मेरे प्यारे पाठको मैं आज आप सब से एक छोटे से गुजारिश कर रहा हूं। मुझे तलाश है उन सच्चे लोगों की जो कलयुग में भी सच्चाइ पर विश्वास करते हैं। इमानदारी में विश्वास करते हैं।जो गलत का साथ नहीं देते। जो ईश्वर में विश्वास करते हैं। वो जानते हैं की हम सब एक ही शक्ति के अलग अलग रूप है। वो जानते हैं की ईश्वर की मर्जी के कुछ नहीं होता।

इस लिए मैं सच्चाई पर जो आशता रखते हैं। उन के साथ मिलकर मैं काम करना चाहता हूं। आप सब से निवेदन हैं की वे ही लोग मुझसे संपर्क करे जो लोग सच्च में सत्य का साथ देना चाहते हैं। पुरे मानव जाति का कल्याण करना चाहते हो। अगर आप सच्च में सच्चाई का साथ देना चाहते हैं। तो मैं आप को हर व्यक्त आप के साथ हु हम ईश्वर वादी हैं। हम धर्म वादी नहीं। हमारे लिए सब एक ही समान है। चाहे वो किसी भी जाति का हो। किसी भी धर्म का हो। किसी भी देश का हो। हमारे लिए सब एक ही समान है। आज हम सब जानते है की कलयुग में पाप अपना प्रभाव बढा दिया है। और हम सब कहीं न कहीं कलयुग के चपेट में आ चुके हैं। चाहे वो किसी भी रूप में हो। चाहे वो झुट हो या पैसे या कामना या लालच या लोभ या क्रोध या अभिमान या घमण्ड या प्रतिरोध ऐ सब कलयुग का ही प्रभाव है। पर मैं बता दूं की सत्य से बड़ा कुछ नहीं हो सकता एक सच्च हजारों झुट के बराबर होता है। इस लिए सब को सच्च को ही साथ देना चाहिए। मैं सब से गुजारिश करता हूं कि आप एक बार पुरी भागवत गिता कुरान वाइवल गुरू ग्रंथ  ऐ सब कितावे जरूर पढ़ें। ऐ सब एक ही मंजिल का अलग अलग रास्ते है।
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shree hari vishnu ka sampoorna roop

shree hari vishnu ka sampoorna  roop श्री हरि विष्णु का संपूर्ण रूप



🌍ब्रम्हांड नायक🌍
1.जो अजन्मा हैं |
2.जो परमेश्वर हैं |
3. जो ईश्वर हैं |
4.जो भगवान हैं |
5.जो अल्लाह हैं |
6.जो गॉड हैं |
7.जो रब हैं |
8.जो वाहेगुरु हैं |
9.जो यीशु  मसीह हैं |
10. जो कन कन में हैं |
11.जो हर जगह में हैं |
 12.जो हम में हैं |
13.जो तुम में हैं |
14.जो हम सभी में हैं |
15.जो खुदा हैं |
16. जो सनातन हैं |
17.जो पुरातन हैं |
18.जो निराकार हैं |
 19.जो सकार हैं |
20. जो विराट हैं |

21.जो चतुर्भुज हैं |
 22.जो आदि नंदन हैं |
23.जो आदि शक्ति हैं |
 24.जो ऊर्जा हैं |
25.जो श्री ब्रह्मा हैं |
26. जो श्री विष्णु हैं |
27. जो श्री शिव हैं |
28.जो नरसिम्हा हैं |
29. जो पशुराम हैं |
30. जो श्री राम  हैं |
31. जो श्री कृष्ण हैं |
31. जो गौतम बुद्ध हैं |
32. जो साईं बाबा हैं |
33. जो गुरु नानक हैं |
34. जो परम शक्ति हैं |
35. ज़ो सूर्या हैं |
36. जो अग्नि हैं |
37. जो जल हैं |
38.जो थल हैं |
39. जो आकाश हैं |
40. जो गगन हैं |

41. जो सदा से हैं |
42. जो सदा रहेगा |
43. जो लक्ष्मी हैं |
44. जो सरस्वती हैं |
45. जो पार्वती हैं |
46. जो काली हैं |
47. जो दुर्गा है |
48. जो सत्य है |
49. जो आस्था हैं |
50. जो नारायण हैं |
51. जो साधना हैं |
52. जो धरती हैं |
53. जो गंगा हैं |
54. जो सागर हैं |
55. जो ब्रह्मांड का कर्ताधर्ता है |
56. जो सृष्टि का जनक बीज हैं |
57. जो सत्य का रक्षक है |
58. जो बुराई का दुश्मन है |
59. जो धर्मराज हैं |
60. जो धर्म स्थापित का हैं |

61. जो परमात्मा  हैं |
62. जो वायु हैं |
63. जो ज्ञान हैं |
64. जो बुद्धि हैं |
65. जो सभी प्राणियों में हैं |
66. जो हमारा हैं |
67. जो तुम्हारा हैं |
68. जो हम सब का हैं |
69.जो आत्मा हैं |
70.जो सृष्टि है |
71. जो मंगल मूर्ति है |
72. जो पालनहार है |
73. जो तारणहार है |
74. जो सच्चिदानंद है |
75. जो देवानंद है |
76. जो परमानंद है |
77. जो जन्मदाता है |
78. जो काल हैं |
79. जो महाकाल हैं |
80. जो कालों का काल हैं |

81. जो यमराज हैं |
82. जो स्वर्ग राज इंद्र हैं |
83. जो देव गुरु बृहस्पति हैं |
84. जो सामवेद हैं |
85. जो यजुर्वेद हैं |
86. जो अथर्ववेद हैं |
87. जो श्रृग्वेद हैं |
88. जो त्रिदेव हैं |
89. जो ओमकार हैं
90. जो सर्व रूपा है |
91. जो शक्ति रूपा हैं |
92. जो सभी प्राणियों का ईश्वर हैं |
93. जो हमारा आराध्य  है |
94. जो तुम्हारा आराध्य हैं |
95. जो हम सबका आराध्य हैं |
96. जो मंदिर में है |
97. जो मस्जिद में है |
98. जो गुरुद्वारा में है |
99. जो चर्च में है |
100. जो हिंदू में है |

101. जो मुस्लिम में है |
102. जो सीखो में है |
103. जो ईसाइयों में है  |
104. जो सबका मालिक है |
105. जो अनंत है |
106. जो धर्म है |
107. जो अर्थ है |
108. जो कर्म है |
109. जो मोक्ष है |
110. जो सतयुग है |
111. जो त्रेता युग है |
112. जो द्वापर युग है |
 113. जो कलयुग है |
114. जो समय है |
115. जो भूतकाल है |
116. जो वर्तमान काल है |
117. जो भविष्य काल है |
118. जो महंत है |
119. जो संकल्प है |
120. जो संपूर्ण है |

121. जो एक भी है |
122. जो अनेक भी है |
123. जो असीम है |
124. जो कमलनयन है |
125. जो परम पिता है |
 126. जो लक्ष्मीपति हैं |
127. जो सर्वशक्तिमान हैं |
128. जो पूर्ण है |
129. जो त्रिमूर्ति हैं |

श्री हरी भगवान विष्णु के कोमल चरणों में मेरा कोटि कोटि प्रणाम

🕉 नमो भगवते वासुदेवाय

ओम नमो भगवते वासुदेवाय

🕉 नमो नारायणाय नमः

ओम नमो नारायणाय नमः

🕉 नमो नारायण नमः

 Forward To Other 10. Group

 हिंदू
मुस्लिम
सिख
 ईसाई
One World One family

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कलियुग की सच्चाई क्या है जानते हैं।

कलियुग की सच्चाई क्या है जानते हैं।



नमस्ते मेरे प्यारे पाठक वंधु मैं एक बार फिर एक नया जानकारी देने जा रहा हु। वैसे तो मैंने बहोत से पोस्ट लिखता हु अलग-अलग विषयों पर पर मैं आज कलियुग के विषयों पर जानकारी देने जा रहे हैं। जैसे कलियुग कितने साल की है। कलियुग में मानव कितने साल के होंगे।
कलियुग में भगवान की अवतार कब होगी। कलियुग में धर्म की कितनी हानी हो गया है और कितना अभी बाकी है। ऐ सभी सवालों का उत्तर हम इस पोस्ट में मैं आप के साथ जानकारी देगे। कलियुग की पुरी आयु 4,32000 मानव वर्ष है। कलियुग में पाप 75% अर्थात 15 विश्वा और पुण्य 25% अर्थात 5 विश्वा है। कलियुग में धर्म धरती पर एक पैर पर है।
कलियुग में धर्म की 75% हानी हो चुकी हैं और अभी 25% होना बाकी है। मनुष्य की आयु भी पहले से दस गुणा कम हो चुकी है।
मनुष्य की आयु लगभग 60 से 70 वर्ष ही रह गया है। मनुष्य की लम्बाई में भी पहले से आधी हो गया है। मनुष्य की लम्बाई कलियुग में 3 हाथ ही रही हैं।
कलयुग में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार नाम से होंगे जब कलियुग आपनी अनतीम चरन में होगा जब कलियुग के 10,000 वर्ष शेष बचे हुए होंगे। कलियुग में सत्य,पवित्रता तथा तप ऐ सब धर्म के तिन पैर थे जो ऐ सब खत्म हो गया है। अब वचा है तो थोड़ा बहोत दया जो ऐ धर्म के ही एक पैर है। जिस पर कलियुग की समय चल रही हैं। और हम सब अभी जिवीत है। जैसे जैसे कलियुग बढ़ेगा जैसे जैसे पाप भी उसी के साथ बढ़ती जाएगी।
कलियुग का काल सबसे भैयंकर काल है। कलियुग में सब धर्म कर्म रिश्ते नाते दया दान तप ऐ सब धिरे धिरे खत्म हो रहे।
अब भी वक्त है हम सब थोड़ा सम्भल जाएं और भगवान कि आराधना करें। सत्य की रक्षा करें इश्वर में ध्यान लगाऐ अपने मन को पवित्र रखें दान करें दया करें गिता से ज्ञान ले गुरू ग्रंथ से ज्ञान ले वाइवल से ज्ञान ले कुरान से ज्ञान ले और भी जितने भी धर्म ग्रंथों है ऐ सब ज्ञान की अमर्त है ज्ञान की गंगा है ज्ञान की सागर है । दिन के 24 घंटे में से कम से कम 1 घंटे इश्वर के लिए टाइम निकाले मैं विश्वास से कह सकता हूं आप के 24 घंटे में से 23 घंटे बेकार सिद्ध होंगे और 1 घंटे आपके लिए अमर्त सावित होंगे। तो ऐ रहे कलियुग से संबंधित जानकारी अगर हमारी पोस्ट आप को अच्छा लगता है तो आप औरों के साथ साझा कर सकते।
धन्यवाद ॐ विष्णवे नमः

द्वापरयुग की सच्चाई क्या है जानते हैं?

द्वापरयुग की सच्चाई क्या है जानते हैं ?




नमस्ते मेरे प्यारे पाठक वन्धु मैं एक बार फिर आप के साथ द्वापरयुग की जानकारी देने जा रहा हु। जैसे द्वापरयुग की आयु कितनी थी।द्वापरयुग में मनुष्य की आयु कितनी थी। द्वापरयुग में मनुष्य की लम्बाई कितनी थी। द्वापरयुग में भागवत विष्णु के कितने अवतार हुआ। इत्यादि इन सभी सवालों का उत्तर इस पोस्ट में मिलने जा रहा है। आप के जानकारी के लिए हम बता दें की द्वापरयुग की पुरी आयु 8,64000 मानव वर्ष की थी। द्वापरयुग में भगवान विष्णु की दो अवतार हुए। अवतार के नाम इस प्रकार है।
(1) कृष्ण अवतार
(2) बुध्द अवतार
हुए थे।
द्वापरयुग में पाप की 50% अर्थात 10 विश्वा और पुण्य की 50% अर्थात 10 विश्वा थी। धरती पर धर्म दो पैरों पर थी अर्थात धर्म की 50% हानी हो चुकी थी। द्वापरयुग में मनुष्य की आयु 1000 वर्ष की हुआ करती थी। द्वापरयुग में मनुष्य की लम्बाई 7.हाथ हुआ करती थी। द्वापरयुग में सुर्य ग्रहण 320 बार हुआ तथा चंद्र ग्रहण 50 बार हुआ था। द्वापरयुग में कौन कौन राजा थे।उनका नाम की जानकारी इस प्रकार है।
1. सोम 2. बुध 3. पुरूरवा 4. नल 5. अनल 6. नहुष 7. शांतनु 8. विचित्र र्वीर्य 9. चित्रर्वीर्य 10. पाण्डु 11. युधिष्ठिर 12. अभिमन्यु 13. परीक्षित 14. जन्मेजय राजा हुए थे। तो आप को द्वापरयुग के विषय में कैसा लगा हमारी पोस्ट हमें बताएं। अगले पोस्ट में हम आपको कलयुग की जानकारी देंगे। यदि हमारी पोस्ट आप को अच्छा लगे तो औरों के साथ सेयर करें। धन्यवाद ॐ विष्णवे नमः

ईश्वर तो सभी के हैं पर ईश्वर के सायद ही कोई है।


नमस्ते दोस्तो आज मैं आपको ईश्वर से जुड़े कुछ रोचक जानकारी देने वाला हूं ऐसे तो हम सब ईश्वर की महिमा को जानते हैं। पर अन्तर आत्मा से बहोत कम ही मानते हो उपर से तो सब ईश्वर की गुण गाते हैं। पर मन से कोई नहीं गाते सब ईश्वर की पूजा तो करते हैं। पर ईश्वर की बनाई जीवो से नफरत करते हैं। सब ईश्वर की पूजा तो करेंगे पर उन्ही की बनाई जीवो को खाते हैं। सब ईश्वर की पूजा तो करते हैं। पर ईश्वर से कोई अंतर आत्मा प्रेम नहीं करता है। सब कहते हैं की ईश्वर सब को बहोत कष्ट देते हैं। पर ईश्वर सब के साथ हर वक्त होते हैं इसे कोई नहीं मानता। सब ईश्वर की बनाई दुनिया में आनन्द में तो होते हैं।
पर सब परमानंद को भुल जाते हैं। सब फुलों  की खुशबू सब लेते हैं। पर सब खुशबू बनाने वाले को भुल जाते हैं। सब आत्मा को तो जानते है। पर सब परमात्मा को भुल जाते हैं। सब अपने अपने धर्म को बड़ा मानते हैं। पर सब सनातन धर्म को बनाने वाले को भुल जाते हैं। सब अपनी अपनी भाषाओं को अच्छा मानते हैं। पर सब भाषाओं को जन्म दाता संस्कृत को भुल जाते हैं। सब धरती को जिवन की बहोत अच्छा ग्रह मानते हैं। पर सब जिवन देने वाले दाता को भुल जाते हैं। सब सच को तो अच्छा मानते हैं। पर सब सत्य की रचना करने वाले को भुल जाते हैं। अगर हमारे पोस्ट अच्छा लगे तो औरों के साथ शेयर करें धन्यवाद 
ओम नमो नारायण नमः